द ग्रेट एमपी पॉलिटिकल ड्रामा: / अशोकनगर और मूंगावली विधायकों ने दिया इस्तीफा; बोले- हमें सिंधिया ने जिताया, अब जो वे कहेंगे हम वही करेंगे

जिले से दो विधायकों के इस्तीफा स्वीकार होते ही उपचुनाव होना तय हो गया है। वहीं उनके दोनों जीते विधायक भी पार्टी से इस्तीफा दे चुके हैं जिनके भाजपा से चुनाव लड़ने की प्रबल संभावना है। इस स्थिति में 33 साल बाद अशोकनगर विधानसभा पर फिर जीत दर्ज कराने के लिए फिलहाल कोई बड़ा चेहरा कांग्रेस के पास नहीं है। यही स्थिति मुंगावली विधान सभा सीट की है वहां भी लगातार 3 चुनाव जीत चुकी कांग्रेस सिंधिया के पार्टी छोड़ने के बाद नेतृत्व विहीन है। इस स्थिति में आगामी उपचुनाव के लिए पहले बड़ा चेहरा लाना ही कांग्रेस के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगा। वहीं दोनों विधायकों का कहना है कि हमें सिंधिया ने जिताया है अगर वे जो कहेंगे वह उसका पालन करेंगे। 



सिंधिया के कारण मिली पूरे देश में पहचान, उनके लिए विधायकी कुर्बान
मुंगावली के पूर्व विधायक बृजेन्द्र सिंह यादव का 12 दिन बाद फोन चालू हुआ तो उन्होंने में बताया कि मुंगावली उपचुनाव में सिंधिया जी की बदौलत पूरे देश में पहचान मिली। फिर से उन्होंने हमें मौका दिया और चुनाव जिताया। एक साल में दो बार विधायक बनाया। उनके लिए ऐसी कई विधायकी कुर्बान हैं।


कांग्रेस के ये हो सकते हैं चेहरे


ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस में जाते ही कई बड़े पदाधिकारियों ने अपने त्यागपत्र पार्टी से दे दिए। अब इस स्थिति में कांग्रेस से पूर्व में टिकट की दौड़ में शामिल अशोकनगर में आशा दोहरे, रमेश इटौरिया, त्रिलोक अहिरवार आदि नाम प्रमुख हैं। मुंगावली में कोई बड़ा नाम नहीं है। 


कांग्रेस की सरकार बनाने में सिंधियाजी का योगदान, उनका अपमान बर्दाश्त नहीं
मुख्यमंत्री के इस्तीफे के बाद 12 दिनों से बेंगलुरु में रह रहे पूर्व विधायक जजपाल सिंह जज्जी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर लिखा है कि तेरा तुझको अर्पण क्या लागे मेरा। ये शब्द उनके पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के लिए हैं। 15 साल बाद कांग्रेस सरकार बनी तो उसमें महाराज का बड़ा योगदान था। संभाग में 34 में से कांग्रेस 26 सीटें जीतीं। मुख्यमंत्री महाराज को नहीं बनाया लेकिन हम लोगों ने प्रदेशाध्यक्ष बनाने की मांग की, लेकिन बड़े नेताओं ने नहीं बनने दिया। यही स्थिति राज्यसभा टिकट में हमारी मांग पर की गई। यह महाराज का सरासर अपमान तो था ही साथ ही देश के एक संभावनाओं से परिपूर्ण नेता को राजनीतिक रूप से खत्म करने की चाल थी। इस स्थिति में उन्होंने जो निर्णय लिया उसके हम साथ हैं। 


भाजपा ने मनाया जश्न
विधानसभा चुनावों में ये रही थी दोनों विधानसभाओं की स्थिति:  अशोकनगर में भाजपा के लड्डूराम कोरी को 9730 वोटों से जजपाल सिंह जज्जी ने हराया था। वहीं भाजपा केडाॅ. केपी यादव को 2136 वोट से बृजेन्द्र सिंह ने हराया था।